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नई दिल्‍ली। शहीद भगत सिंह जेल नोट बुक शहीद भगत सिंह के विचारों को दर्शाती है। इस पुस्‍तक का विमोचन आज इंडिया हैबिटेट सेंटर में दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरिवाल ने किया। इस पुस्‍तक के प्रकाशक हैं यूनिस्‍टर बुक्‍स्‍। और इस पुस्‍तक को संपादित किया है हरीश जैन ने। 404 पन्‍नों की इस पुस्‍तक में 95% मूल नोटस हैं।
शहीद भगत सिंह जेल नोट बुक के विमोचन अवसर पर मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इस पुस्‍तक में सामाजिक व राजनीतिक चिंताओं की झलक भी मिलती है। शहीद भगत सिंह ने जेल प्रवास के दौरान जो लिखा उस नोटस को एक किताब की शक्‍ल दी गई है। यह हरीश जैन का बेहतर प्रयास है। उन्‍होंने कहा कि इस पुस्‍तक को पढकर शहीद भगत सिंह के जेल में बिताए गए दिनों के अनुभव, आजादी और उनकी विचारधारा को समझने में मदद मिलेगी।
गौरतलब है कि जेल में रहते हुए शहीद भगत सिंह ने जो नोटस अलग अलग चीजों को लेकर लिखे उसे बुक में स्‍कैन और फोटोकॉपी के साथ लगाया गया है। भगत सिंह जेल नोट बुक 46 किताबों से लिया गया संकलन है। इस जेल नोटबुक में 400 पुस्‍तकों में से कोटस लिए गए हैं। इस पुस्‍तक में उन किताबों की लिस्‍ट भी लिखी गई है जिनको भगत सिंह जेल में पढा करते थे।  
जेल में शहीद भगत सिंह करीब 2 तक साल रहे। इस दौरान वे लेख लिखकर अपने क्रान्तिकारी विचार व्‍यक्‍त करते रहे। आज भी यह पत्र व लेख दुनिया की नजरों से अंजान हैं। लेकिन अब हरीश जैन और मलविंदर सिंह वराइच ने उनके द्वारा लिखे पत्रो और लेखों को एक पुस्‍तक का रूप दिया है। इस पुस्‍तक में भगत सिंह की क्रान्तिकारी सोच दिखाने की कोशिश गई है। असलियत में क्रान्तिकारी का मतलब सिर्फ बम और पिस्‍टल ही नहीं बल्कि एक अलग विद्वता उभरकर सामने आयी है। 



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