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नई दिल्ली। आई लव यू को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अहम टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा है कि अगर कोई महिला किसी को आई लव यू लिखती है तो इसका मतलब ये कत्तई नहीं कि वो संबध बनाने के लिए उपलब्ध है। डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख बाबा गुरमीत राम रहीम पर लगे रेप के आरोपों की सुनवाई के दौरान सुप्रीक कोर्ट ने ये टिप्पणी की। राम रहीम की दलील थी कि महिला ने उन्हें आई लव यू कहते हुए चिट्ठी लिखी थी लिहाजा उसकी हैंडराइटिंग की जांच की जाए लेकिन, सुप्रीम कोर्ट ने चिट्ठी और महिला की हैंडराइटिंग की जांच की मांग ठुकरा दी। कोर्ट ने आगे जोड़ा कि इस चिट्ठी की  भाषा से कहीं नहीं लगता कि महिला सबंध बनाने की सहमति दे रही है। 1999 के इस मामले में 3 साल बाद 2002 में एफआईआर दर्ज हुई थी और इस मामले में पंचकूला की कोर्ट में सुनवाई आखिरी दौर में है।

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