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नई दिल्‍ली 4/72016 : सीबीआई ने दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के प्रधान सचिव राजेंद्र कुमार को कंप्यूटरों की खरीद में 50 करोड़ रुपये के कथित घोटाले से जुड़े मामले में गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में राजेंद्र कुमार के अलावा चार अन्य लोगों - संदीप कुमार, दिनेश कुमार, तरुण शर्मा और अशोक कुमार को भी गिरफ्तार किया गया है। सीबीआई इस घोटाले में राजेंद्र कुमार को 'किंगपिन' बता रही है।

सीबीआई का आरोप है कि राजेंद्र कुमार ने अलग-अलग महकमों की जिम्मेदारी संभालते हुए अपनों के नाम बनाई कई फर्जी कंपनियों को फायदा पहुंचाया। सूत्रों के मुताबिक सीबीआई की एफआईआर में कहा गया है कि 2006 में एंडेवर्स सिस्टम्स नाम की कंपनी बनाई गई। ये राजेंद्र कुमार और अशोक कुमार की फ्रंट कंपनी है। दिनेश कुमार गुप्ता और संदीप कुमार इसके निदेशक थे। ये कंपनी सॉफ्टवेयर और सॉल्यूशन मुहैया कराती थी।
2007 में राजेंद्र कुमार ने दिल्ली सरकार की ओर से हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर की खरीद के लिए ICSIL का एक पैनल बनाने की प्रक्रिया शुरू की। 2007 में राजेंद्र कुमार दिल्ली ट्रांसपोर्ट लिमिटेड के सचिव बनाए गए। बिना उचित टेंडर के वे ठेके बांटते रहे। यह कुल मिलाकर 50 करोड़ रुपये का घोटाला है।

राजेंद्र कुमार की गिरफ्तारी पर दिल्ली सरकार के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा कि केंद्र सरकार निचले स्तर पर उतर आई है। यह दिल्ली सरकार को बदनाम करने की साजिश है। दिल्ली सरकार के काम करने वाले अधिकारियों को हटाया जा रहा है। सिसोदिया ने कहा कि राजेंद्र कुमार की गिरफ्तारी पूरे सीएम दफ्तर को पंगु बनाने के मकसद से किया गया है। केंद्र सरकार राजनीतिक द्वेष की भावना से कदम उठा रही है।


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