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04/7/2016 पटना : कन्हैया कुमार ने कहा कि बिहार में शिक्षा की स्थिति काफी खराब है। टॉपर बनाने में भी घोटाला हो रहा है और इसके लिए नीतीश सरकार पूरी तरह से जिम्मेदार है। बिहार को अगर मॉडल बनाना है, तो सबसे पहले शिक्षा व्यवस्था को दुरूस्त करना होगा। आर्ट कॉलेज के छात्रों की एक छोटी-सी मांग को सरकार नहीं सुन रही है। छात्रों पर गोली चलाई गई, लाठी चलाई गई, जेल में डाला गया। छात्रों का कहना है कि प्राचार्य भ्रष्टाचारी हैं, जातिगत भेदभाव करते हैं तो सरकार को कार्रवाई करनी चाहिए। छुट्टी पर भेजकर प्रभारी प्राचार्य को नियुक्त कर देना सरकारों का यह तरीका काफी पुराना है। हैदराबाद, एफटीआईआई में यही हुआ था। रविवार को वे पटना में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। एक सवाल के जवाब में कहा कि केंद्र की शिक्षा की बात होगी तो शिक्षा मंत्री स्मृति ईरानी से ही सवाल पूछा जाएगा। कन्हैयाने कहा कि सरकार आर्ट कॉलेज मामले की न्यायिक जांच करा ले। विद्यार्थी इस देश के भविष्य हैं, उन्हें सड़कों पर उतरने को विवश करें। उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि आंदोलन के मुद्दे पर वे बच्चों के साथ आएं। कन्हैया ने कहा कि सरकार शिक्षा और रोजगार को लेकर गंभीर नहीं है। बीपीएससी परीक्षा का डेट नहीं बदला गया, मैंने चेयरमैन से मिलने के लिए समय मांगा तो उन्होंने कहा कि कोई जरूरत नहीं तय तारीख पर ही परीक्षा होगी। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने शिक्षा बजट में 17 प्रतिशत की कमी कर दी, अगर नींव ही कमजोर होगी तो समाज सशक्त कैसे बनेगा।  उधर, कन्हैया कुमार ने कहा कि रविवार की शाम आर्ट कॉलेज के छात्रों से मिलने पहुंचे। उन्होंने आंदोलन को पूरी तरह सहयोग का भरोसा दिया। कन्हैयासे जब पूछा गया कि यही सारी बातें आप मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलकर क्यों नहीं कहते, तो उन्होंने कहा कि वे हमारे पड़ोसी नहीं हैं, जो जब मन हुआ चीनी मांगने चले गए। वो सीएम हैं, जेल से बाहर निकलने के बाद शिष्टाचार के नाते उन सभी लोगों का शुक्रिया अदा किया था जो हमारे साथ थे। किसी से नफरत और किसी के करीबी होने का सवाल नहीं है। हम शिक्षा को बेहतर करना चाहते हैं। बिहार के मुद्दे पर दो बार बिहार भवन पर प्रदर्शन किया।

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