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नई दिल्ली 14July 2016: यूपी की गद्दी हथियाने के लिए कांग्रेस ने भी कमर कस ली है. पार्टी ने दो दिन पहले ही राज बब्बर को प्रदेश का नया अध्यक्ष बनाया और आज कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जर्नादन द्विवेदी और गुलाम नबी आजाद ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी औपचारिक घोषणा की। संजय सिंह को यूपी में प्रचार समिति का अध्यक्ष बनाया गया और आरपीएन सिंह को उपाध्यक्ष बनाया गया है। कांग्रेस ने यूपी के चुनावों के लिए एक संयोजन समिति भी बनाई है जिसके अध्यक्ष प्रमोद तिवारी होंगे। इसके सदस्यों में मोहसिना किदवाई सलमान ख़ुर्शीद राजीव शुक्ला श्रीप्रकाश जायसवाल रीता बहुगुणा सलीम शेरवानी और प्रदीप जैन आदित्य पीएल पुणिया निर्मल खत्री प्रदीप माथुर शामिल हैं। खबरों के मुताबिक प्रियंका भी जोर-शोर से प्रचार करेंगी। शीला दीक्षित तीन बार दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं और राजीव गांधी की सरकार में भी उन्होंने संसदीय राज्य मंत्री और पीएमओ में राज्य मंत्री का ज़िम्मा संभाला। शीला कपूरथला में पैदा हुई हैं लेकिन उनकी शादी उन्नाव में हुई। वो कांग्रेस के वरिष्ठ नेता उमाशंकर दीक्षित की बहू हैं। शीला खुद को इसी नाते यूपी का भी बताती हैं। वह 1984 में कन्नौज से सांसद भी रह चुकी हैं। दरअसल दिल्ली में उनकी दूसरी राजनीतिक पारी शुरू होती है। अब वह यूपी की पारी खेलने जा रही हैं। गौरतलब है कि कांग्रेस यूपी की सत्ता से 26 साल से बहार चल रही है. सूबे में 1989 में कांग्रेस के आखिरी सीएम एनडी तिवारी रहे. पार्टी को लगता है कि शीला दीक्षित की बेदाग़ छवि सभी समाज में स्वीकार्यता और ब्राह्मण चेहरा कांग्रेस की खोई ताकत में जान फूंक सकता है और पार्टी को सत्ता की दहलीज़ तक ला सकता है. गौरतलब है कि यूपी में अगले साल विधानसभा के चुनाव हैं. 2012 के विधानसभा चुनाव में 403 सीटों वाली विधानसभा में कांग्रेस 28 सीटों पर सिमट गई थी. कांग्रेस पार्टी के भीतर काफी लंबे समय से किसी बड़े ब्राह्मण चेहरे को यूपी में सीएम कैंडिडेट बनाने पर चर्चा चल रही थी और आखिरकार शीला दीक्षित के नाम पर मुहर लगी है. कांग्रेस के भीतर लोगों का मानना रहा है कि अगर कांग्रेस यूपी में ब्राह्मण को एकजुट करने में कामयाब हो जाती है तो दूसरे लोग भी साथ आ जाएंगे. कांग्रेस नेताओं का ये भी मानना रहा है कि शीला दीक्षित ने बतौर सीएम दिल्ली में बहुत ही अच्छा काम किया है और उनकी इस छवि के सहारे यूपी को जीता जा सकता है. सोनिया गांधी और पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी ही पार्टी के शीर्ष नेता हैं। अब तक के चुनावों में प्रियंका ने इन्हीं दोनों के चुनाव क्षेत्रों में पार्टी के लिए प्रचार किया है लेकिन उत्तर प्रदेश में कांग्रेस नेताओं कि मांग है कि प्रियंका राज्य के अन्य हिस्सों में भी प्रचार करें। हाल ही में पार्टी के लिए चुनावी रणनीति बनाने के काम पर लगाए गए प्रशांत किशोर जिन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 2014 में हासिल जीत और पिछले साल बिहार विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार की शानदार जीत का श्रेय दिया जाता है की टीम के सूत्रों के अनुसार वह राज्य में मुख्यमंत्री पद के लिए कोई ब्राह्मण चेहरा चाहते हैं जिसमें शीला दीक्षित फिट बैठती हैं। इसके अलावा प्रशांत किशोर के मुताबिक दिल्ली की मुख्यमंत्री के रूप में उनका तजुर्बा उत्तर प्रदेश के लोगों को भी लाभान्वित कर सकता है जो अपने राज्य के पिछड़पन से दुःखी हैं।

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