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ई दिल्ली 25 जून, 2016। राजस्थान की मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने स्मार्ट सिटीज मिशन की प्रथम वर्षगांठ के अवसर पर शनिवार को बिड़ला सभागार में आयोजित समारोह में जयपुर शहर को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए कई सौगातें दी। श्रीमती राजे ने रूफ टॉप सोलर पावर प्लांट लगाने, बस शैल्टर्स में पब्लिक इन्फोरमेशन सिस्टम एवं रामनिवास बाग में नवीनीकृत सावन भादो उद्यान का उद्घाटन किया। उन्होंने गुलाबी नगर की 14 बावड़ियों के संरक्षण एवं जीर्णोद्धार कार्य का शिलान्यास भी किया। श्रीमती राजे ने कहा कि स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत प्रदेश से चयनित शहरों पर ढाई हजार करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। स्मार्ट सिटी के लिए चयनित शहरों में हैरिटेज, पर्यटन, स्मार्ट नगरीय ढांचे एवं सुरक्षित सड़क ढांचे का विकास किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह दिन दूर नहीं जब जयपुर प्रधानमंत्री की प्रेरणा से शुरू किए गए स्मार्ट सिटी मिशन के माध्यम से देश का अव्वल शहर बन जाएगा। उन्होंने कहा कि आज हम स्वच्छ भारत मिशन में भी देश में सबसे आगे हैं। प्रदेश में बीकानेर पहला  खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) जिला बन चुका है। इस तरह प्रदेश के 7 जिले ओडीएफ बनने की कतार में  हैं।हैरिटेज स्वरूप बनाए रखते हुए करें विकासमुख्यमंत्री ने कहा कि शहर में विकास कार्यो में यह ध्यान रखा जाए कि हैरिटेज स्वरूप को बनाए रखते हुए जयपुर को आधुनिक  बनाया जाए। उन्होंने कहा कि हम सब की जिम्मेदारी है कि परकोटे में इमारतों के बाहरी स्वरूप से कोई छेड़छाड़ नहीं करें। पर्यटक हमारी पिंकसिटी की पुरानी खूबसूरती को देखने आते हैं न कि कांच की इमारतों को। परकोटा वासियों से अपील, छतों पर सोलर प्लांट लगाएंश्रीमती राजे ने कहा कि जयपुर में ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट के अंतर्गत सरकारी इमारतों के छत पर रूफ टॉप सॉलर पावर प्लांट लगाए जाएंगे। झालाना संस्थानिक क्षेत्र और जेएलएन मार्ग पर स्थित सभी सरकारी इमारतों को इसमें शामिल किया जाएगा। उन्होंने चारदीवारी क्षेत्र के निवासियों का आह्वान किया कि वे अपने घरों की छत पर रूफ टॉप सॉलर प्लांट लगाएं ताकि परकोटा क्षेत्र को बेतरतीब फैले बिजली के तारों के जाल से मुक्त कराया जा सके। उन्होंने कहा कि शहर में जगह- जगह बिजली और केबल के तार नहीं दिखेंगे तो इसकी खूबसूरती और निखरेगी। साथ ही सौर ऊर्जा के इस्तेमाल से बिजली पर खर्च में भी कमी आएगी।शहर को साफ रखना हम सबका फर्जमुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे शहर को साफ-सुथरा और सुंदर बनाए रखने की जिम्मेदारी हम सबको मिलकर निभानी होगी। शहर में सड़कों पर या पार्कों पर जहां भी पॉलिथीन उड़ती दिखें तो हमारा फर्ज बनता है कि हम उन्हें उठाकर कचरा पात्र में डालें। उन्होंने कहा कि जब मैं स्वयं सड़क पर कचरा देखकर अपनी कार रूकवाकर उसे साफ करवाती हूं तो आप भी इसी भावना से कार्य करते हुए अपना दायित्व निभाएं।श्रीमती राजे ने कहा कि शहर की कॉलोनियों में बने छोटे पार्कों की सार-संभाल के लिए विकास समितियों को आगे आना चाहिए। रामनिवास बाग में सावन-भादों पार्क के अलावा करीब 10 करोड़ रुपए के कार्य किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि आमजन को समझना चाहिए कि सार्वजनिक स्थानों पर टिकट राजस्व वसूली के लिए नहीं बल्कि वहां साफ-सफाई एवं सुविधाओं के विकास के लिए लगाया जाता है।सड़कों पर नहीं छोड़ें पालतू पशुमुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान गोपालकों से अपील की कि वे अपनी पालतू गायें एवं अन्य पशु खुले में सड़क पर नहीं छोड़ें। इससे गन्दगी तो फैलती ही है साथ ही यातायात भी बाधित होता है। उन्होंने कहा कि नगर निगम यह सुनिश्चित करे कि आवारा पशु सड़कों पर नहीं घूमें और सड़कों पर पशु छोड़ने वालों पर सख्त कार्यवाही की जाए। उन्होंने इसके लिए बड़ा जुर्माना लगाने का भी सुझाव दिया।महिलाओं से छेड़छाड़ करने वालों को मिले सख्त सजा श्रीमती राजे ने इस मौके पर अधिकारियों को निर्देश दिए कि महिलाओं से छेड़छाड़ करने वाले कुंठाग्रस्त लोगों के साथ सख्ती से पेश आएं। उन्होंने कहा कि पुलिस और न्यायिक अधिकारी इस तरह के मामलों के त्वरित निस्तारण की व्यवस्था बनाने के बारे में सोचें ताकि ऐसे अपराधों के दोषियों को जल्द सजा मिल सके। अम्बेडकर सर्किल के पास गाड़ी रूकवाकर कचरा हटवायामुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री निवास आते समय अम्बेडकर सर्किल के पास सड़क पर कचरा देखकर अपनी गाड़ी रूकवाई और सुरक्षाकर्मियों को अविलम्ब कचरा हटवाने के निर्देश दिए। उन्होंने पास ही स्थित जीवन बीमा निगम की इमारत के सुरक्षाकर्मी को निर्देश देकर भवन के प्रवेश द्वार पर बिखरा कचरा हटवाया। स्मार्ट राजस्थान की दिशा में कामस्वायत्त शासन, नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री श्री राजपाल सिंह शेखावत ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि सौर ऊर्जा के मामले में राजस्थान पूरे देश में प्रथम स्थान पर है। पानी की उपयोगिता व संरक्षण के लिए चलाए जा रहे मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान का असर दिखने लगा है। अब सरकार स्मार्ट राजस्थान की दिशा में तेजी से काम कर रही है। महापौर श्री निर्मल नाहटा ने कहा कि जयपुर की कला-संस्कृति और हेरिटेज पूरी दुनिया को आकर्षित करती है। हमारा लक्ष्य यहां की प्राचीन धरोहरों को सुरक्षित और संरक्षित रखते हुए शहर को स्मार्ट बनाना है। इससे पूर्व जयपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी वी. सरवन कुमार ने जयपुर स्मार्ट सिटी के बारे में प्रस्तुतीकरण दिया। कार्यक्रम के अंत में जयपुर नगर निगम के आयुक्त श्री हेमन्त कुमार गेरा ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम के दौरान सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्री श्री अरुण चतुर्वेदी, सांसद श्री रामचरण बोहरा, श्री रामकुमार वर्मा, विधायक श्री कैलाश वर्मा, श्री सुरेंद्र पारीक, श्री मोहनलाल गुप्ता, उप महापौर श्री मनोज भारद्वाज, अतिरिक्त मुख्य सचिव नगरीय विकास विभाग श्री अशोक जैन, पार्षदगण, वरिष्ठ अधिकारी एवं आमजन उपस्थित थे। इस तरह बनेगा जयपुर स्मार्ट शहर प्रमुख घोषणाएं- श्रीमती राजे ने इस अवसर पर जयपुर शहर के लिए इन  परियोजनाओं की घोषणा की।   लांगरियावास में 180 करोड़ रुपये की लागत से पीपीपी आधार पर कचरे से बिजली बनाने का प्लांट।  46.23 करोड़ रुपये की लागत से 100 नई सिटी बसों की खरीद।  बगराना में जेसीटीएसएल का एकीकृत वर्कशॉप कम बस डिपो। इस डिपो पर 16.75 करोड़ रुपये खर्च होंगे। स्मार्ट सिटी क्षेत्र के लिए ये प्रस्ताव भी सस्टेनेबल मोबिलिटी कोरिडोर- पैदल और साइकिल यात्रियों, दिव्यांगों एवं मोटर वाहन चालकों के लिए 132 करोड़ रुपये की लागत से सस्टेनेबल मोबिलिटी कोरिडोर। हैरिटेज एवं पर्यटन- जलेबी चौक, टाउन हॉल एवं पुराने पुलिस मुख्यालय जैसी हैरिटेज इमारतों का बेहतर रख-रखाव कर इनका उचित उपयोग किया जाएगा।  स्मार्ट नगरीय ढांचा- 433 करोड रुपये की अनुमानित लागत से ये काम किए जाएंगे। - सरकारी इमारतों, स्मारकों एवं पार्कों में वेस्ट वाटर का पुनर्चक्ररण एवं वर्षा जल  संरक्षण।- स्मार्ट मीटर के माध्यम से प्रभावी जल प्रबन्धन। - ऑटोमेटेड ऑन लाइन रेसिडुअल क्लोरिन मोनिटरिंग सिस्टम विकसित किया जायेगा।- ठोस कचरे का स्मार्ट कलेक्शन। - नागरिकों की सुरक्षा के लिए वीडियो क्राइम मोनिटरिंग, इन्सीडेंट अलर्ट एप, हैल्प लाइन, पैनिक बटन। - जीआईएस आधारित प्रोपर्टी इन्वेटरी तथा सम्पŸिा कर की ऑनलाइन भुगतान व्यवस्था।- हवा की गुणवŸाा एवं मौसम की मोनिटरिंग के लिए एप।- यातायात नियमों के उल्लंघन, ठोस कचरे के निस्तारण जैसी समस्याओं के लिए मोबाइल एप।पूरे शहर के लिए ये प्रस्ताव- यातायात के एक से अधिक साधनों का उपयोग करने के लिए स्मार्ट मोबिलिटी के तहत ओपन स्टैण्डर्डस बेस्ड फेयर कार्ड एवं टिकटिंग प्रणाली- जयपुर मल्टी मोडल पब्लिक ट्रांजिट सेंट्रल ऑपरेशन्स एण्ड मैनेजमेंट सेंटर - पब्लिक इनफॉरमेशन एवं यात्रा प्लानिंग - स्मार्ट ठोस कचरा प्रबन्धन  

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