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दिल्ली 09-जुलाई, 2016: कौशल भारत राष्ट्रपति के दिल के बहुत करीब है। अभी हाल में की गई पहल में उन्होंने राष्‍ट्रपति भवन के 1500 कर्मचारियों को 18 नौकरियों की भूमिकाओं में प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) के घटक पूर्व शिक्षा की मान्‍यता (आरपीएल) के तहत प्रमाणित किये जाने के कार्य को सुनिश्चित किया है। इस कार्यक्रम से यह भी सुनिश्चित हुआ है कि राष्‍ट्रपति भवन में काम करने वाले व्‍यक्ति अपनी नौकरी की भूमिका के लिए उन्‍मुख हों और उनके मौजूदा कौशल का मूल्‍यांकन किया जाए और उसके बाद राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढांचे का आधार प्रमाणित हो। भारतीय कौशल, राष्ट्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय  और राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) द्वारा श्रेष्‍ठ प्रतिभाओं का चयन करने के लिए शुरू की गई एक राष्‍ट्रीय प्रतियोगिता है। ये प्रतिभाएं आबू धाबी में 2017 में आयोजित किये जाने वाले द्विवार्षिक विश्व कौशल अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत की भागीदारी का नेतृत्‍व करेंगी।

कौशल विकास और उद्यमिता राज्‍य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  राजीव प्रताप रूडी ने कहा है कि उनका मंत्रालय कौशल विकास का एक वर्ष पूरा करने वाला है और पिछले एक वर्ष के दौरान हमारी उपलब्धियों का जश्‍न मनाने का यह एक गौरवपूर्ण अवसर है। यह वर्ष बहुत महत्‍वपूर्ण रहा है और 2015-16 के दौरान कौशल भारत की विभिन्‍न पहलों के तहत 1.04 करोड़ से अधिक युवाओं को प्र‍शिक्षित किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 36.8 प्रतिशत बढ़ोतरी को दर्शाता है। उन्‍होंने कहा कि कौशल विकास एक राष्‍ट्रीय प्राथमिकता है और हमें पूरा विश्‍वास है कि इस मिशन को सफल बनाने के लिए आवश्‍यक गति, पैमाने और मानक को हम बनाए रखेंगे। विश्‍व युवा कौशल दिवस समारोह का निमंत्रण स्‍वीकार करने के लिए राष्‍ट्रपति को धन्‍यवाद देते हुए रूडी ने कहा कि उन्‍हें विश्‍वास है कि इन जैसी पहलों से कौशल को स्‍वाभिमान और सम्‍मान प्राप्‍त करने के लिए लम्‍बा रास्‍ता तय करना है।

कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के सचिव  रोहित नंदन ने कहा है कि भारत कौशल हमारे देश के युवाओं के लिए विश्‍व कौशल अंतर्राष्‍ट्रीय प्रतियोगिता जैसे वैश्विक मंच पर अपने कौशल का प्रदर्शन करने का एक बड़ा अवसर प्रदान करता है। इस प्रतियोगिता को कौशल के ओलंपिक के रूप में वैश्विक मान्‍यता प्राप्‍त होने के साथ-साथ संयुक्‍त राष्‍ट्र की मान्‍यता भी प्राप्‍त है। जहां 75 से अधिक सदस्य देशों के उम्‍मीदवार भाग लेते हैं। उन्‍होंने कहा कि यह हमारे देश के जीवंत युवाओं को पहचान और सम्‍मान दिलाने और उन्‍हें उद्योग मानकों के अनुसार अधिक रोजगार दिलाने का प्रयास है। इस प्रकार भारत के कौशल, श्रम और रोजगार परिदृश्‍य में बदलाव आएगा।

भारत कौशल में, भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए श्रेष्‍ठ प्रतिभा के चयन के लिए एमएसडीई और एनएसडीसी ने हेयर स्टाइलिस्ट, वेल्डिंग, कार पेंटिंग, ऑटो बॉडी मरम्मत, ग्राफिक डिजाइनिंग, रोबोटिक्स सहित 24 कौशल/ट्रेडों में 80 से अधिक क्षेत्रीय प्रतियोगिताओं का आयोजन किया है। इस वर्ष इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए लगभग 4820 उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया है। भारत कौशल को सफल बनाने के लिए लगभग 40 संगठन एक साथ आ गए हैं। क्षेत्रीय कौशल परिषदें राष्‍ट्रीय कौशल योग्‍यता ढांचे के लिए मानकों को सुनिश्चित कर रही हैं और इन्‍हें प्रतियोगिता की गुणवत्‍ता तथा मानकों के बारे में निगरानी के लिए इस प्रतियोगिता में अपनाया जा रहा है।

इन आयोजनों से चुने गये उम्‍मीदवार आबू धाबी में 2017 के दौरान आयोजित की जाने वाली विश्‍व कौशल अंतर्राष्‍ट्रीय प्रतियोगिता में अंतिम चयन के लिए अर्हता प्राप्‍त करेंगे। इस प्रतियोगिता का समापन समारोह 17 जुलाई, 2016 को होगा। यह मंच युवाओं, उद्योगों और शिक्षकों को एक साथ लाएगा और युवाओं को प्रतिस्‍पर्धा करने, अनुभव प्राप्‍त करने तथा अपनी पसंद के कौशल में सर्वश्रेष्‍ठ बनने की जानकारी प्राप्‍त करने का एक अवसर उपलब्‍ध कराएगा। पिछला आयोजन अगस्त 2015 में साओ पोलो, ब्राजील, में आयोजित किया गया था, जिसमें 27 कौशल में 29 उम्‍मीदवारों (सभी 23 वर्ष से कम आयु के थे) ने भाग लिया और उत्‍कृष्‍टता के 8 पदक जीते थे।


वर्तमान आयोजन केन्द्रीय मंत्रालयों/विभागों, राज्य सरकारों, शीर्ष उद्योग निकायों और प्रशिक्षुओं सहित सभी प्रमुख हितधारकों को एक साथ लाने में मुख्‍य भूमिका निभाएगा। इन हितधारकों की भागीदारी कौशल भारत की सफलता के लिए महत्‍वपूर्णहै।

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