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‘क्योंकि सास भी कभी बहू’ टीवी शो से अपने अभिनय का सफर से शुरू करने वाली कृतिका सेंगर ने कसौटी जिंदगी की, क्या दिल में है, बुरा न मानो होली है, आहट, झांसी की रानी सहित करीब एक दर्जन धारावाहिक किये। कृतिका कहती है कि टीवी पर काम करने का मजा ही अलग है। निकेतन धीर से विवाह करने के बाद इन दिनों धारावाहिक ‘कसम- तेरे प्यार की’ में अपने रोल को लेकर सुर्खियों में है। हाल में उन से प्रेमबाबू शर्मा से मुलाकात हुई प्रस्तुत है,उसी के चुनिंदा अंश :

आप क्या पुनर्जन्म में विश्वास करती हैं?
मेरा किरदार तनुश्री नामक युवती का है, जो मिडिल क्लास फैमिली में पली बढ़ी है। बचपन से ही इसकी मां ने इसे सिखाया है कि जिंदगी में प्यार जरूरी है चाहे वह भाई बहन का प्यार हो, मां बेटी का प्यार या फिर पति पत्नी का प्यार हो। तनुश्री रिषी से बहुत प्यार करती हैं क्योंकि बचपन में ही उन दोनों की शादी तय कर दी गई थी, लेकिन कुछ ऐसा होता है कि दोनों एक दूसरे से दूर हो जाते हैं। अब तनु उसे प्यार तो करती है, लेकिन ऐसा भी नहीं कि वह उसके प्यार में पागल है। बेशक वह रिषी का इंतजार कर रही है, लेकिन ऐसा नहीं है कि उसने खाना पीना छोड़ दिया है। दरअसल तनु एक समझदार और सुलझी हुई लड़की है।

यह एक सीधी सादी लव स्टोरी लग रही है क्योंकि इसमें कहीं भी एक्साइटमेंट नहीं दिखाई दे रहा है?
 अभी नहीं, लेकिन आगे चलकर रिषी को तनु से एक बार फिर प्यार होगा, लेकिन उस वक्त उसके लिये सब कुछ सहज नहीं होगा। कहानी का यही टर्निग प्वाइंट है। हालांकि इससे पहले भी ट्विस्ट एंड टर्न्स हैं कुछ सप्रराइजेज भी हैं, लेकिन पहला मेन है। 
यह धारावाहिक कैसे मिला?
इसके लिये मैं आपको एक रियल घटना बताती हूं। यह बहुत पर्सनल है पता नहीं मुझे शेयर करना चाहिये या नहीं। खैर घटना मेरी मम्मी से जुड़ी है दरअसल उन्हें तीन बार गर्भपात हुआ। यहां तक डॉक्टर ने भी कह दिया था कि अब वह मां नही बन पाएंगी। उन्हीं दिनों मेरे पापा की बुआ ने मरने से पहले कहा कि मैं दोबारा इस घर में आऊंगी और एक साल बाद मेरी पैदाइश हुई। आप यकीन करें कि मेरे दादा मरते तक मुझसे राखी बंधवाते रहें। मैं उन्हें ही नहीं बल्कि उनके सभी दोस्तों को भी राखी बांधती थी। ऐसा नहीं कि यह कोई नई बात है, इस तरह के हादसे बहुत लोगों के साथ घट चुके हैं इसलिये मैं मानती हूं कि पुनर्जन्म होता है।

इस शो के बारे में बताये ?
मुझे बाला जी टेलीफिल्मस से क्रियेटिव का फोन आया और अगले दिन से इस शो की शूटिंग शुरू हो गई। दरअसल मेरी शुरुआत ही बाला जी से हुई थी मुझे ढूंढ़ने का श्रेय एकता को ही जाता है। मैंने उनके साथ सास भी कभी बहू थी, कसौटी जिंदगी की, क्या दिल में, किया है इसके अलावा एक रियलिटी शो भी कर चुकी हूं। उसके बाद कहीं जाकर झांसी की रानी किया।
एक्टर बनने का चस्का कैसे लगा?
 मैंने तो कभी अभिनेत्री बनने का सोचा तक नहीं था। मैं कानपुर में एक ऐड एजेंसी में इंटर्न कर रही थी बतौर क्लाइंट सर्विसिंग। फिर वहां से मैं कैसे यहां तक आई और फिर यहीं की होकर रह गई और शादी भी मैंने यहीं की।
आप किस्मत को कितना मानती हैं?
बिल्कुल मुझे किस्मत और बड़ों के आशीर्वाद में बहुत ज्यादा विश्वास है। इसे आप किस्मत ही कहेंगे कि जिस लड़की ने कभी कल्पना तक नहीं की थी कि वह एक्ट्रेस बनेगी और देख लीजिये आज मैं छोटे परदे के व्यस्त कलाकारों में से एक हूं।
क्या आगे फिल्म करने के लिये तैयार हैं? 
मैंने इस बारे में अभी तक सोचा ही नहीं कि कल अगर मुझे किसी फिल्म का ऑफर मिलता है तो मैं क्या करूंगी। फिलहाल तो इस शो के बारे में ही सोचना है।
                                   
                                                                                                                               

                                                                                                                         -प्रेमबाबू शर्मा

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