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http://entertainment.chennaipatrika.com/image.axd?picture=2016%2F5%2FShorgul+first+poster+out+now.jpgलखनऊ :  उत्तरप्रदेश के मुजफ्फरनगर में वर्ष 2013 में हुए साम्प्रदायिक दंगों पर आधारित फिल्म ‘शोरगुल’ के प्रदर्शन पर रोक के आदेश देने के आग्रह वाली एक जनहित याचिका इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ के समक्ष दायर की गई। इस पर 6 जून को सुनवाई हो सकती है।
मेरठ निवासी सामाजिक कार्यकर्त्ता मिलन सोम ने न्यायालय में दाखिल याचिका में कहा है कि सितम्बर 2013 में मुजफ्फरनगर में हुए फिरकावाराना फसाद पर आधारित फिल्म ‘शोरगुल’ के कुछ दृश्य निहायत आपत्तिजनक हैं और उनसे सामाजिक सौहार्द को खतरा पैदा हो सकता है। 

लिहाजा इसके प्रदर्शन पर रोक लगाई जानी चाहिए। इस याचिका में केन्द्र तथा उत्तर प्रदेश सरकार को भी पक्षकार बनाया गया है। इस पर आगामी 6 जून को सुनवाई हो सकती है।
मालूम हो कि मुजफ्फरनगर दंगों की आग भड़कने का कारण बने कवाल काण्ड पर आधारित बताई जा रही जिम्मी शेरगिल और आशुतोष राणा की मुख्य भूमिका वाली फिल्म ‘शोरगुल’ आगामी 24 जून को रिलीज होनी है। 

अगस्त 2013 में मुजफ्फरनगर जिले के कवाल गांव में बहुसंख्यक वर्ग के 2 युवकों की हत्या के कुछ दिन बाद 7 सितम्बर को मुजफ्फरनगर में साम्प्रदायिक दंगे भड़क गए थे, जिसमें कम से कम 62 लोगों की मौत हो गई थी और करीब 100 अन्य घायल हुए थे।

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