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वाराणसी : भारतीय फुटबॉल टीम की पूर्व कप्तान सोना चौधरी ने अपने फुटबॉल करियर के दौरान महिला खिलाडिय़ों के साथ हुए उत्पीड़न और दुव्र्यवहार के बारे में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। सोना ने टीम मैनेजमैंट, कोच और सैक्रेटरी द्वारा महिला खिलाडिय़ों के साथ हुए उत्पीडऩ के बारे में कई राज खोले हैं। 
 
उन्होंने ये खुलासे अपने नॉवेल गेम इन गेम के अंदर किए हैं। आपको बता दें पूर्व कप्तान ने हाल ही में यू.पी. के वाराणसी में अपने नॉवेल की लांङ्क्षचग की है। 
 
 
सोना ने बताया कि हद तब हो जाती थी कि जब विदेशी टूर पर कोच रात को सोने के लिए खुद का बैड हमारे कमरे में लगवा देते थे। यदि कोई महिला खिलाड़ी इसका विरोध करती थी तो उसे दबा दिया जाता था। 
 
उन्होंने बताया कि स्टेट टीम हो या नैशनल टीम, कई लड़कियों को कम्प्रोमाइज करने के लिए मैंटली टॉर्चर किया जाता है। सोना ने नॉवेल में खिलाडिय़ों के साथ हुई बदसलूकी की 90 फीसदी सच्ची घटनाएं लिखने का दावा किया है। 
 

फुटबॉल खिलाड़ी सोना चौधरी मूलत: हरियाणा की रहने वाली हैं। 1994 में करियर शुरू करने वाली सोना हरियाणा की बैस्ट प्लेयर थीं। हरियाणा में खिलाडिय़ों के साथ होने वाली राजनीति से परेशान होकर 1995 में यू.पी. आकर बस गईं। 
 
यहीं से उन्होंने 1995 में भारतीय महिला फुटबॉल टीम में एंट्री की। अपने दमदार प्रदर्शन की बदौलत उन्हें एक साल में ही टीम की कप्तानी का जिम्मा सौंप दिया गया। उन्होंने 1996-97 तक कप्तानी संभाली। वह राइट बैक पोजीशन से खेलती थीं।'

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