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नई दिल्ली : निरंकारी बाबा हरदेव सिंह के निधन के बाद अब उनकी पत्नी सविन्दर कौर ने निरंकारी मिशन की बागडोर संभाली है। 
उनके नाम की घोषणा जे.आर.डी सत्यार्थी, प्रधान संत निरंकारी मंडल ने दिल्ली में की। 
62 वर्ष के बाबा हरदेव का शुक्रवार को कनाडा के मांट्रियल में एक सड़क हादसे में निधन हो गया था। उसी दिन 13 मई को अवनीत सेतिया का भी निधन हुआ। 
बाबा हरदेव सिंह 25 अप्रैल को अपनी बेटी सुभिक्षा और दामाद अमनीत सेतिया के साथ अमेरिका और कनाडा प्रचार यात्रा पर गए थे। 
बाबा हरदेव संस्था संत निरंकारी मिशन के प्रमुख थे। निरंकारी मिशन के लाखों अनुयायियों में बाबा के निधन से शोक की लहर है।

 गत शुक्रवार को संत निरंकारी बाबा हरदेव सिंह का कनाडा में एक रोड एक्सीडैंट में निधन हो गया था। उनके दामाद भी साथ थे। बता दें कि हादसे में एक दामाद अवनीत की भी मौत हो गई थी।

 62 वर्षीय बाबा हरदेव सिंह 1971 में निरंकारी सेवा दल से जुड़े थे। निरंकारी मिशन के मुताबिक केवल पंजाब में बाबा के 10 लाख जबकि चंडीगढ़ में 60 हजार फाॅलोअर्स हैं।

 बाबा हरदेव की तीन बेटियां हैं। सबसे बड़ी बेटी रेणकुा हैं उनकी शादी संदीप हिंडा से हुई है। दूसरी बेटी का नाम समता है, उनकी अभी शादी नहीं हुई है जबकि तीसरी बेटी का नाम सुदीक्षा है। सुदीक्षा की शादी दो जून 2015 को दिल्ली में पंचकूला निवासी अवनीत से हुई थी। अवनीत बाबा के साथ ही रहते थे। बड़े दामाद संदीप खिंडा उर्फ सन्नी भी बाबा के साथ निरंकारी मिशन का काम देखते थे। बाबा हरदेव के पिता का नाम बाबा गुरबचन सिंह जबकि मां का नाम राजमाता कुलवंत कौर है।

 बाबा संत निरंकारी मिशन के प्रमुख थे। 'बाबा भोला' के नाम से भी वे अपने भक्तों में फेमस थे। बाबा हरदेव सिंह का जन्म 23 फरवरी, 1954 को दिल्ली में हुआ था। उनकी शुरुआती पढ़ाई घर पर ही हुई थी। बाद में उन्होंने दिल्ली के संत निरंकारी कॉलोनी में रोटरी स्कूल और फिर पटियाला के एक बोर्डिंग स्कूल से अपनी पढ़ाई की। 1971 में उन्होंने निरंकारी सेवा दल ज्वॉइन किया। 1975 में उनकी शादी फर्रुखाबाद की सविंद्र कौर से हुई।

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