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करनाल -- केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्‍याण मंत्री राधा मोहन सिंह ने हरियाणा के करनाल में हरियाणा राज्य बागवानी विज्ञान विश्वविद्यालय का शिलान्यास किया। इस अवसर पर  सिंह ने कहा कि हरियाणा में प्रथम राज्य बागवानी विज्ञान विश्वविद्यालय की स्थापना से राज्य के लोगों की काफी अरसे से लंबित आवश्यकताओं की पूर्ति होगी। 

पूरी तरह विकसित बागवानी विश्वविद्यालय शिक्षण, अनुसंधान और विस्तार कार्यकलापों के बीच के अंतर को पाटने की आवश्यकता को पूरा करेगा तथा आगे के विकास के लिए कार्यनीतियों की पहचान करने के अलावा हमारी युवा पीढ़ी को अद्यतन प्रौद्योगिकी और बागवानी शिक्षा के प्रसार में सहायता करेगा।
 
        केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्‍याण मंत्री ने कहा कि हरियाणा समेकित बागवानी मिशन अपनाने तथा संरक्षित खेती एवं कटाई के बाद के प्रबंधन को प्राथमिकता देने के संदर्भ में अग्रणी राज्य है। इस राज्य ने बागवानी फसलों के तहत काफी क्षेत्रफल में वृद्धि की है, वर्ष 2002-03 में यह 2.0 लाख था, जो वर्ष 2013-14 में बढ़कर 4.5 लाख  हो गया तथा इसी अवधि के दौरान उत्पादन 2.51 मिलियन टन से बढ़कर 6.30 मिलियन टन हो गया। राज्य ने अगले दशक में क्षेत्रफल में 27 मिलियन टन के उत्पादन के साथ 9.0 लाख टन तक वृद्धि करने की योजना बनाई है।

           सिंह ने कहा कि  यह विश्वविद्यालय उत्पादन, कटाई पश्चात् प्रबंधन और प्रसंस्करण उद्योगों में प्रशिक्षित जन शक्ति की बढ़ती मांग को पूरा करने में कौशल विकास केंद्र के रुप में भी काम करेगा। फलों में आम, साइट्रस, आंवला, स्ट्रॉबेरी और सब्जियों में मटर, टमाटर, आलू, गाजर, लहसुन, प्याज और  मशरुम जैसे कृषि प्रसंस्करण उद्योगों की भारी संभावना है। दिल्ली और चंडीगढ़ जैसी मुख्य मंडियों के नजदीक होने के कारण यह उत्कृष्ट विपणन और निर्यात चैनल भी प्रदान करेगा। 

        सिंह ने आशा व्‍यक्‍त की कि बागवानी विश्वविद्यालय में क्षेत्र और फसल विशिष्ट अनुसंधान न केवल बागवानी उत्पादन और उत्पादकता में हरियाणा के किसानों को प्रोत्साहित करेगा, अपितु यह हमारे राष्ट्र को पोषण की दृष्टि से अधिक सुरक्षित बनाएगा।

         इस अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री, हरियाणा के कृषि मंत्री, हरियाणा के राज्य कृषि मंत्री, सांसद और विधायक भी उप‍स्थित थे।

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