0
न्‍यूयार्क -- ‘मैं मार्गदर्शन करता हूं’ के नारे पर आधारित और इसके लिए जानी जाने वाली सरकारी कंपनी ऊर्जा दक्षता सेवा लिमिटेड (ईईएसएल) निकट भविष्‍य में न्‍यूयार्क में अपना 21 वां विदेशी कार्यालय शुरू करने की तैयारी कर रही है। केन्‍द्रीय बिजली, कोयला और नवीन तथा नवीकरण राज्‍यमंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार)  पीयूष गोयल ने कहा ‘हमलोग इस सप्‍ताह के अंत में वहां वापस जाएंगे और मेरा कार्यालय ईईएसएल के साथ अमेरिकी चैप्‍टर की स्‍थापना में जुट जाएगा। 

ग्रीन पार्क बैंक और अमेरिकी ऊर्जा परिषद ने मेरी मुलाकात के दौरान इसके लिए बहुत ही उत्‍साह दिखाया था।’ वे भारतीय उद्योग परिसंघ(सीआईआई)और अमेरिका भारत बिजनेस काउंसिल द्वारा संयुक्‍त रूप से न्‍यूयार्क में आयोजित नवीकरणीय ऊर्जा निवेशक गोलमेज बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्‍होंने कहा कि क्रिकेट में रिवर्स स्‍वीप की तरह मुख्‍यधारा की ऊर्जा दक्षता में मुख्‍य रूप से बड़े पैमाने तथा पारदर्शी खरीद के आधार पर अभिनव रास्‍तों को साझा करने के‍लिए भारत अपने पोस्टर बॉय ईईएसएल को अमेरिका ला रहा है।

 ‘भारत में एलईडी बल्‍बों की गिरती कीमत व्‍यापक बदलाव लाने वाली होगी।एक साल में इसकी कीमतों में 83 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है।’ भारत में घेरलू दक्षता प्रकाश कार्यक्रम के तहत नौ करोड़ एलईडी बल्‍ब बांटे जा चुके हैं। निवेशकों के विनिमय दर की संवेदनशीलता से संबंधित सवालों तथा हेजिंग मामले को संबोधित करने की जरूरत पर उन्‍होंने कहा ‘मैं कर्ज को अमेरिकी डॉलर, जेपीवाई सहित यहां तक कि मुद्रा स्‍फीति से संबंधित कीमत को हेजिंग के खतरे में शामिल करने के लिए कर्ज को मुद्रा बॉस्‍केट में डालने के पूर्व प्रस्‍ताव पर स्‍पष्‍ट राय रखता हूं। गोयल ने खुलासा किया कि भारतीय रुपया दीर्घकाल तक सापेक्ष रूप से मजबूत रही है और दिए गए भारत के विकास की संभावना को देखते हुए सबसे मजबूत मुद्रा रहेगी।

कीमतों में हेजिंग मुद्रा की संवेदनशीलता को संबोधित करने पर बल देते हुए मंत्री महोदय ने कहा कि अमेरिका और ब्रिटेन की उनकी यात्रा के दौरान अन्‍य महत्‍वपूर्ण मामलों पर चर्चा हुई उनमें स्‍थायी और सरल विनियामक व्यवस्था, मानकीकृत पीपीएज और मानकीकरण के उपकरण की जरूरत शामिल हैं।

अपनी आशावादी टिप्‍पणियों के साथ श्री गोयल ने अगले साल तक भारत की विकास दर दो अंको तक पहुंचने का अनुमान लगाया है। लेकिन इसके इसके लिए भारत को मजबूत मानसून की जरूरत है।

गैस उत्‍पादकों को भारतीय बाजार में अवसरों की खोज के लिए आमंत्रित करते हुए उन्‍होंने कहा कि भारत अपने गैस आधारित संयंत्रों के लिए दीर्घकालीन 10 से 15 साल की अवधि के लिए 5 अमेरिकी डॉलर प्रति एमएमबीटीयू की दर पर अनुबंध करना चाहता है क्‍योंकि देश में बिजली सेक्‍टर कीमतों के ममाले में संवेदनशील सेक्‍टर है। देश में फंसे 28 जीडब्‍ल्‍यू गेस संपत्ति को देखते हुए तब तक यह एक बड़ा संभावनाओं वाला बाजार है जब तक कीमतें सही और अगर दिए गए मौजूदा बैलेस्टिक सूचकांक के अनुसार हों। मुझे विश्‍वास है कि यह एक व्‍यावहारिक प्रस्‍ताव है। उन्‍होंने आगे कहा कि भारत कोल बेड मीथेन सहित गैसीकरण के सभी साधनों की खोज मे लगा हुआ है।

अन्‍य निवेश अवसरों की चर्चा करते हुए श्री गोयल ने कहा ‘सोलर ऊर्जा के क्षेत्र में विनिर्माण को प्रोत्‍साहित करने के लिए सरकार निर्माताओं के लिए दीर्घकालीन ऊर्जा अनुबंध और दीर्घकालीन भूमि पट्टा अनुबंध के विकल्‍प की तलाश कर रही है।

Post a Comment Blogger Disqus

 
Top