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-प्रेमबाबू शर्मा
  अपने ग्राहकों को आसान और संतोषजनक अनुभव प्रदान करने के अपने मिशन तथा सुविधा के अपने पक्के वादे के साथ लेट्सट्रांसपोर्ट (एक लास्ट माइल लोजिस्टिक सोलुशन प्रोवाइडर) ने आज अपना विस्तार दिल्ली एनसीआर, चेन्नई व त्रिची में कर दिया है.
लेट्सट्रांसपोर्ट का पूरा ध्यान इंट्रासिटी व रीजनल लोजिस्टिक क्षेत्र में कुशल व विश्वसनीय नेटवर्क बनाना है. अगस्त 15 तक टीम ने बाजार की जरूरी जानकारी जुटाकर अपनी तैयारी की. जिसके बाद उन्होंने रीब्राईट पार्टनर व ट्रेवलबुटिक ऑनलाइन के संस्थापक से $1.3 मिलियन सीड इन्वेस्टमेंट प्राप्त किया. 

फंड प्राप्त करने के बाद कंपनी ने स्ट्रोंग टेक्नोलॉजी प्लेटफार्म और अच्छी टीम बनाई. लेट्सट्रांसपोर्ट का आकार अब 10 गुना अधिक हो चुका है. उन्होंने विश्लेषण का इस्तेमाल सिस्टम में करने में कुशलता बना ली है, जिससे वे प्रतियोगिता से भरे बाजार में लाभ अर्जित करने में सक्षम हुए हैं.

विस्तार के बारे लेट्सट्रांसपोर्ट के सह-संस्थापक और सीईओ पुष्कर सिंह ने कहा किविस्तार से पहले ही हम लाभ को प्राप्त करने के प्रति आकांक्षी थे. अपने आंकड़ों पर आधारित होकर हम कुशल और सिम्बोतिक प्रोफिटेबल ईकोसिस्टम बनाने में समर्थ रहे. सबकुछ पक्का और सोच लेने के बाद हमने दिल्ली एनसीआर और चेन्नई रीजन में विस्तार करने विचार हकीकत में बदल दिया. लोजिस्टिक एक ऐसी इंडस्ट्री है, जिसमें 900 से ज्यादा छोटे और मीडियम डिस्टेंस कोरीडोर हैं. 

हम अपनी उपकल्पना को टियर 2 शहर में परखना चाहते थे, जिसके के लिए हमने त्रिची में एक पायलट प्लान चलाया. हमें इस दुआरान ना सिर्फ टियर 1 बल्कि टियर2 शहरों से भी शानदार प्रतिक्रिया मिली.  ईकोसिस्टम में इसे शामिल करके बहुत ही कम समय में हमने इन तीन शहरों में शानदार ग्रोथ देखी. हमारी सेवायें सभी बिजनेस और उपभोक्ताओं के लिए मनमोहक प्रस्ताव हैं. हमें $ 30 बिलियन के इस अवसर से भरे बाजार में टिकाऊ बिजनेस बनाने का पूरा विश्वास है.

लेट्सट्रांसपोर्ट में तकनीक हमेशा से ही फोकस का बड़ा विषय रहा है और किसी भी ऑन-डिमांड लोजिस्टिक के लिए इसका सही इस्तेमाल करना बहुत जरूरी है. कंपनी मूल्य वर्धित सेवाओं के साथ ऑन-डिमांड तथा कस्टमाइज संलग्नक समाधान अपने क्लाइंट को मुहैया कराती है. इसकी सेवाओं में स्क्रींड ड्राइवर्स, ऑडिटेड व्हीकल, ट्रांसपेरेंट प्राइसिंग और पॉइंट-टू-पॉइंट बिलिंग शामिल है.

कंपनी का लक्ष्य आगे विस्तार करने का भी है, कंपनी टियर I और टियर  II शहरों के मौजूदा बाजार में अगले 12 महीनों में विस्तार के बारे सोच रखती है.

सप्लाई चेन के अन्दर प्रतियोगी मूल्यों पर माल के कुशल आवागमन के लिए ऑपरेशन और टेक्नोलॉजी बहुत जरूरी है. ऑपरेशन और टेक्नोलॉजी की आंतरिक भूमिका भारतीय लोजिस्टिक बाजार का भविष्य तय करेगी जो, तेजी से आगे बढ़ रहा है.

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