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नयी दिल्ली --- केंद्रीय शहरी विकास मंत्री  एम. वेंकैया नायडू ने इस विरोधाभास पर चिंता जताई है कि भारत जहां विश्‍व की सबसे तेज गति से बढ़ने वाली अर्थव्‍यवस्‍थाओं में है, वहीं इसे व्‍यवसाय एवं निवेश करने के लिहाज से कठिन देश के रूप में देखा जाता है। 

वह शहरी विकास मंत्रालय द्वारा आयोजित ‘दिल्‍ली में निर्माण प‍रमिटों के लिए व्‍यवसाय करने की सुगमता’ विषय पर आयोजित एक कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।

उन्‍होंने कहा कि दिल्‍ली एवं मुंबई में लागू की जा रही सरल ऑनलाइन आवेदन एवं मंजूरी प्रणाली को संबद्ध तरीके से सभी नगरों एवं शहरों में क्रियान्वित किया जाएगा।

कार्यशाला में 200 से अधिक वास्‍तुकारों, इंजीनियरों एवं अन्‍य व्‍यक्तियों के सामने नई ऑन लाइन प्रक्रिया पर प्रस्‍तुतिकरण पेश करते हुए नई दिल्‍ली नगरपालिका निगम के अध्‍यक्ष श्री नरेश कुमार ने कहा कि परिषद 15 मई के बाद भवन परमिटों के लिए लिखित आवेदन स्‍वीकार नहीं करेगी।

 दक्षिण एमसीडी के आयुक्‍त डॉ. पुनीत गोयल ने दिल्‍ली के तीनों म्‍युनिसिपल कॉरपोरेशन की तरफ से ऐसे ही प्रस्‍तुतिकरण के दौरान कहा कि वे मई के आखिर तक लिखित आवेदनों को समाप्‍त करने की स्थिति में होंगे।

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