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http://dailytimenews.com/wp-content/uploads/2016/03/mehboobamueti1.jpgश्रीनगर : जम्मू-कश्मीर में पीडीपी की आेर से मुख्यमंत्री पद के लिए 56 वर्षीय महबूबा मुफ्ती विधि स्नातक हैं। उन्होंने अपने पिता के साथ राजनीति की शुरूआत तब की थी जब राज्य में आतंकवाद चरम पर था।
 
महबूबा मुफ्ती का जन्म 22 मई 1959 को कश्मीर के कद्दावर राजनीतिक परिवार में हुआ था। कश्मीर यूनिवर्सिटी से कानून की डिग्री लेने के बाद 1984 में उनकी शादी जावेद इकबाल से हुई थी। महबूबा की दो बेटियां है बड़ी बेटी का नाम इल्तिजा और छोटी का इर्तिका है। दोनों बेटियों के जन्म के बाद ही महबूबा का अपने पति जावेद इकबाल से तलाक हो गया था। जावेद से तलाक के बाद बेटियों को महबूबा ने ही पाला। महबूबा की बड़ी बेटी इल्तिजा लंदन में भारतीय हाई कमिश्नर में सीनियर एडमिनिस्ट्रेटिव अफसर हैं। छोटी बेटी इर्तिका फिल्मों में अपना करियर बनाना चाहती है इसलिए वह अपने मामा तसादुक मुफ्ती के पास मुंबई में रहती हैं।
 
महबूबा को पीडीपी के विकास और उसे जमीनी स्तर पर लोगों से जोडऩे का श्रेय दिया जाता है। कुछ पर्यवेक्षकों का मानना है कि पार्टी को जमीनी स्तर से जोडऩे के काम में वह अपने पिता से भी आगे हैं।  इस बात ने महबूबा को अपने समय के अन्य नेताओं से अलग पहचान दिलाई। 
 
दो बेटियों की मां महबूबा ने कांग्रेस के टिकट से बीजबेहरा से अपना पहला विधानसभा चुनाव जीता था। वर्ष 18 में कांग्रेस के टिकट से लोकसभा चुनाव लडऩे वाले उनके पिता सईद की जीत में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सईद ने उस चुनाव में दक्षिण कश्मीर से नेशनल कांफ्रेंस के मोहम्मद युसुफ तैंग को हराया था।  सईद घाटी में शांति की वापसी लाने को उत्साह से लबरेज थे और महबूबा हमेशा उनके साथ खड़ी रहीं। इन पिता-पुत्री की जोड़ी ने वर्ष 1999 में अपनी पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) का गठन किया।
मुफ्ती मोहम्मद सईद अपने साथ कांग्रेस और नेशनल कांफ्रेंस से रूष्ट कुछ नेताओं को भी अपनी पार्टी में ले आए। सईद ने कांग्र्रेस में अपने राजनीतिक जीवन के छह दशक गुजारे थे। उसके बाद से महबूबा ने भी नई पार्टी को बनाने की जिम्मेदारी संभाल ली। महबूबा पर नरम अलगाववादी राजनीति को हवा देने का आरोप लगाया जाता है।पीडीपी ने पार्टी के झंडे के लिए हरा रंग चुना और वर्ष 1987 के मुस्लिम युनाइटेड फ्रंट के चिन्ह कलम-दवात को पार्टी के चुनाव चिन्ह के तौर पर स्वीकार किया। 

  वर्ष 2004 में महबूबा ने अपना पहला लोकसभा चुनाव दक्षिण कश्मीर से जीता। इससे पहले वर्ष 1999 में श्रीनगर से उन्हें लोकसभा चुनाव में उमर अब्दुल्ला के सामने हार का सामना करना पड़ा था।

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