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http://images.clipartpanda.com/clipart-camera-niEXrko6T.png नयी दिल्ली -- केन्‍द्रीय वित्‍त, कॉरपोरेट मामले तथा सूचना एवं प्रसारण मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि राष्‍ट्रीय फोटोग्राफी पुरस्‍कार उन रचनात्‍मक पेशेवरों को सरकार द्वारा सम्‍मान और पहचान देने की एक बड़ी पहल है, जिन्‍होंने अपने रचनात्‍मक चित्रों की महारत से इतिहास में क्षणों को परिभाषित किया है। 

फोटोग्राफर प्रतिकूल परिस्थितियों में कार्य करते हैं और दिन के उन क्षणों को तस्‍वीरों में कैद करने के लिए लंबी प्रतीक्षा करते हैं, जो जनमानस के मन में प्रभाव डालने वाले हों।

 जेटली ने ये उद्गार 5वें राष्‍ट्रीय फोटोग्राफी पुरस्‍कार समारोह के अवसर पर अपने संबोधन में व्‍यक्‍त किए। सूचना और प्रसारण राज्‍य मंत्री कर्नल राज्‍यवर्धन सिंह राठौर तथा सूचना और प्रसारण सचिव सुनील अरोरा भी इस अवसर पर मौजूद थे।

       इस अवसर पर  जेटली ने कहा कि फोटोग्राफी एक जटिल कला है, जो विभिन्‍न घटनाओं/हस्तियों से संबंधित तस्‍वीरों को कैद करने के माध्‍यम से हमें संबंधित इतिहास की याद दिलाती है। उन्‍होंने भवन सिंह के पेशेवर कार्य की प्रशंसा की, जिन्‍हें सातवें दशक के अंत से अभी तक भारत की तस्‍वीर यात्रा को कैमरे में कैद करने के उत्‍कृष्‍ट कार्य के लिए लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्‍कार दिया गया है। जटली ने  भवन सिंह के चार दशकों से भी अधिक लंबे कैरियर के दौरान विभिन्‍न महत्‍वपूर्ण अवसरों पर छवियों को चित्रित करने में उनकी पेशेवर द‍क्षता का भी उल्‍लेख किया।
    
इस अवसर पर सूचना और प्रसारण सचिव  सुनील अरोरा ने कहा कि एक फोटोग्राफ/कार्टून में एक पूरे संपादकीय लेख से भी अधिक अभिव्‍यक्ति की शक्ति होती है। उन्‍होंने यह भी कहा कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अधीन फोटो प्रभाग एक मीडिया इकाई है, जो जीवन के विभिन्‍न पहलुओं के स्टिल फोटोग्राफों के उत्‍पादन और भंडारण में लगा देश का सबसे बड़ा संगठन है, जो अपने संग्राहक की डिजिटलीकरण प्रक्रिया चला रहा है।
     
  अरुण जेटली और कर्नल राज्‍यवर्धन राठौर ने 5वें राष्‍ट्रीय फोटोग्राफी पुरस्‍कार के विजेताओं को सम्‍मानित किया। भवन सिंह को उनके शानदार कैरियर तथा फोटोग्राफी के क्षेत्र में महत्‍वपूर्ण योगदान के लिए लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्‍कार प्रदान किया गया।  भवन सिंह ने भारतीय समाचार उद्योग में लगभग पांच दशकों से अधिक समय कार्य किया और वे देश के एक वरिष्‍ठ फोटो पत्रकार हैं। उन्‍होंने अपना कैरियर एक समाचार पत्र से शुरू किया और बाद में अनेक पत्रिकाओं में कार्य किया। उन्‍होंने इंडिया टुडे पत्रिका में पत्रिका फोटो संपादक के रूप में भी कार्य किया। उन्‍हें विश्‍व प्रेस फोटो पुरस्‍कार भी दिया जा चुका है। 

    विभिन्‍न श्रेणियों में कुल 13 पुरस्‍कार प्रदान किए गए, जिनमें वर्ष के पेशेवर फोटोग्राफर, विशेष उल्‍लेख पुरस्‍कार (पेशेवर), वर्ष का शौकिया फोटोग्राफर, विशेष उल्‍लेख पुरस्‍कार (शौकिया) शामिल हैं। वर्ष का फोटोग्राफर पुरस्‍कार जावेद अहमद डार को प्रदान किया गया, जिन्‍होंने  मानव हित की तस्‍वीरों को वरीयता दी गई। उनके फोटो अनेक प्रतिष्ठित अंतर्राष्‍ट्रीय प्रकाशनों में प्रकाशित हुए हैं। हिमांशु ठाकुर को वर्ष का शौकिया फोटोग्राफर पुरस्‍कार प्रदान किया गया। जेटली ने 5वें राष्‍ट्रीय फोटोग्राफी पुरस्‍कार के ब्रोशर का भी विमोचन किया, जिसमें पुरस्‍कार विजेताओं और उनके कार्यों का पूरा विवरण दिया गया है।


     5वें राष्‍ट्रीय फोटोग्राफी पुरस्‍कारों की ज्‍यूरी के लिए अशोक दिलवाले की अध्‍यक्षता में छह सदस्‍यीय समिति का गठन किया गया था। ज्‍यूरी के अन्‍य सदस्‍यों के नाम  के. माध्‍वन पिल्‍लई, सुधारक ओलवे,  एस. सतीशे,  गुरिंदर ओसान और  संजीव मिश्रा हैं।

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