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-प्रेमबाबू शर्मा

नई दिल्ली। रियो ओलंपिक 2016 में भारतीय खिलाड़ियों को स्वर्ण दिलाने के मिशन को समर्थन में बिजनेस प्रोसेन आउटसोर्सिंग सर्विस कंपनी जेनपैक्ट और ओलंपिक गोल्ड क्वेस्ट (ओडीक्यू) जिसकी पहचान एक एनजोओ के रूप में है।  यहां एक समझोते पर हस्ताक्षर किये। 

समझोते में देश में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की मदद करना ही नहीं है बल्कि ओलंपिक में चयनित खिलड़ियों के लिए विभिन्न कार्यक्रम के जरिए उन्हें हर तरह की मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है। 

खासकर दोनों कंपनियों का मकसद महिलाओं के लिए बेहतर खेल प्लेनफार्म तैयार करना है। राजधानी में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर चुकी विख्यात निशानेबाज हीना सिंद्ध उनके पूर्व निशानेबाज कोच रौनक पंडित, विलियर्ड के नौ बार के पूर्व विश्व चैपियन गीत सेठी, भारतीय हाकी टीम के  पूर्व वीरेन रिक्नहा, जेनपैक्ट ग्रुप की सीनियर प्रसिडेंट एस संन्याल,मीना विलसन मौजूद थी।

 उल्लेखनीय है कि बोर्ड आफ डायरेक्टर में प्रकाश प्रदूकोण, विश्वनाथन आनंद, लियंडर पेस, राकेश खन्ना, दीपिका प्रदूकोण, नीरज भारद्वाज प्रमुख नाम है। गीत सेठी ने कहा रियो में कुश्ती, निशानेबाजी, मुक्केबाजी और बैडमिंटन में पदक की उम्मीद कर रहे हैं। उन्होंने कहा भारत लंदन ओलंपिक के मुकाबले ज्यादा पदक जीतेगा। विश्व  की नंबर वन निशानेबाजी हिना  सिदधू ने कहा कि उन्हें पदक जीतने की  पूरी-पूरी उम्मीद है। वह रियो में पूरा दमखम लगा देगी। 

ओजीक्यू देश के 75 एथलीटों को हर तरह की मदद कर रही है। इन खेलों में तींरदाजी, बैडमिंटन, मुक्केबाजी, निशानेबाजी, तैराकी, टेबल टेनिस और कुश्ती प्रमुख है। वह कुछ व्यक्तिगत मुकाबले वाले खिलाड़ियों को भी मदद कर रहा है। कंपनी का मुख्य लक्ष्य 2020 और 2024 ओलंपिक है। उन्होंने अभी से प्रतिभाशली खिलाड़ियों का चयन कर उन्हें हर तरह की सुविधांए देना शुरू कर दिया है।       

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