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http://cache3.asset-cache.net/xc/469846562.jpg?v=2&c=IWSAsset&k=2&d=vqKg_QKfxqPFdZVhPTmiOB_bpvYPBj4MZJMZtgSIXaQcjz5eiCnhrS9dn4K7_Aef0नयी दिल्ली --- प्रधानमंत्री मोदी की अध्‍यक्षता में मंत्रिमंडल ने भारत और बहरीन के बीच सहमति पत्र पर हस्‍ताक्षर को मंजूरी दी। दोनों देशों ने महिलाओं और बच्‍चों सहित मानव तस्‍करी के रोकथाम में सहयोग करने पर सहमति जताई। इसमें बचाव, पुनर्वापसी, बरामदगी और इसके शिकार हुए लोगों को परिवारों से मिलाना शामिल है।
 
      इस सहमति से दोनों देशों ने दोस्‍ताना रिश्‍ते को मजबूत करने का फैसला किया है। दोनों देशों ने मानव की अवैध तस्‍करी, खासकर महिलाओं और बच्‍चों की तस्‍करी को तेजी से रोकने, बचाव करने और प्रत्‍यर्पण के मुद्दे पर आपसी सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। 


      अप्रैल 2016 के पहले सप्‍ताह में गृहमंत्री के दुबई दौरे के दौरान सहमति पत्र पर हस्‍ताक्षर किए जाने की संभावना है। 


           सभी तरह की मानव तस्‍करी, खासकर महिलाओं और बच्‍चों की तस्‍करी रोकने संबंधी सहयोग को मजबूत किया जाएगा और तस्‍करों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और तेजी से जांच सहित दोनों देशों में संगठित अपराध चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी। 


     निरोधक उपाय करके महिलाओं और बच्‍चों की तस्‍करी का खात्‍मा किया जाएगा और पीडि़त लोगों के अधिकारों की रक्षा होगी। 


    मानव तस्‍करी को रोकने के लिए दोनों पक्ष तस्‍करी विरोधी सेल और कार्यबल गठित करेंगे।

  मानव तस्‍करों की पहचान के लिए पुलिस और दूसरी संबंधित एजेंसियों के बीच कार्य     और सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जाएगा।  


    पीडि़त पक्ष की घर वापसी को हरसंभव प्रयास करते हुए तेजी से पूरा किया जाएगा    और मूल देश उसके सुरक्षित और प्रभावी पुनर्मिलन के उपाय करेगा।



 दोनों पक्षों के संयुक्‍त कार्यबल के प्रतिनिधियों का गठन किया जाएगा जिससे सहमति पत्र पर कामकाज पर निगरानी रखी जा सके।



मानव तस्‍करी के मामले में दक्षिण एशिया के देश खासतौर पर प्रभावित हैं। इसमें घरेलू तस्‍करी या पड़ोसी देशों से तस्‍करी की घटनाएं होना आम है, हालांकि दक्षिण एशियाई पीडि़तों की पहचान मध्‍य पूर्व में तेजी से बढ़ रही है। 


    जहां तक बहरीन की बात है मानव तस्‍करी का भारत अहम स्रोत है। इतना ही नहीं, पुरुषों और महिलाओं को तस्‍करी के जरिये बहरीन पहुंचाया जाता है। वहां जबरन मजदूरी और वेश्‍यावृत्ति के लिए इन्‍हें ले जाया जाता है। दक्षिण एशिया से पुरुष और महिलाएं घरेलू कर्मी या असंगठित श्रम क्षेत्र में विनिर्माण और दूसरी सेवाओं के रूप में स्‍वेच्‍छा से बहरीन जाती हैं, हालांकि उनके पास अवैध पासपोर्ट होते हैं। कई अकुशल श्रमिक भी बहरीन भेजे जाते हैं जिन्‍हें बिना किसी भुगतान के धमकी, शारीरिक यातना और लैंगिक दुष्‍कर्म के लिए भी वहां पहुंचाया जाता है। 


    बहरीन राजशाही और भारत के बीच हर स्‍तर पर मानव तस्‍कर रोधी प्रयासों को सख्‍ती से लागू किया गया है जिससे पीडि़तों की सुरक्षा और इस पर प्रतिबंध लग सके। दोनों देशों के बीच खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान की भी आवश्‍यकता है। इसके अलावा, संयुक्‍त जांच और दूसरी पहल भी जरूरी है। इस उद्देश्‍य के लिए बहरीन राजशाही के साथ सहमति पत्र पर हस्‍ताक्षर प्रस्‍तावित है।

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