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http://www.bhubaneswarbuzz.com/wp-content/uploads/2015/10/aadhaar-card.jpgनई दिल्ली -- आधार बिल लोकसभा में पास हो गया है। जल्द ही मनी बिल के रूप में पेश आधार संशोधन बिल को कानूनी दर्जा मिल जाएगा। नए कानून में सरकार ने कई सारे सख्त प्रावधान किए हैं, जिससे कि आधार का दुरूपयोग न किया जा सके।
आधार (टारगेटेड डिलिवरी ऑफ फाइनेंशियल एंड अदर सब्सिडीज एंड बेनिफिट एंड सर्विसेज बिल) बिल 2016 के तहत गलत जानकारी देने और डाटा लीक करने पर 3 साल और उससे ज्यादा की सजा का प्रावधान किया गया है। इस तरह 10 हजार रुपए से लेकर 10 लाख रुपए तक जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

अगर कोई व्यक्ति आधार बनवाते समय गलत पते या बॉयोमेट्रिक इनफॉर्मेशन देता है।
कोई व्यक्ति दूसरे जिंदा या मृत व्यक्ति के नाम का दुरूपयोग कर इनफॉर्मेशन देता है। 
पहले से आधार कार्ड बनवा चुके व्यक्ति को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से उसके बारे में गलत जानकारी देने पर सजा का प्रावधान
अगर किसी व्यक्ति के पास आधार से संबंधित इनफॉर्मेशन लेने का अधिकार नहीं है, उसके बावजूद वह धोखे से इनफॉर्मेशन लेता है।
जिस एजेंसी को आधार बनवाने का अधिकार मिला है, वह अगर लोगों की जानकारी लीक करती है। 
अगर कोई व्यक्ति सेंट्रल डिपॉजिटरी से डाटा चोरी या हैक करता है।
नए कानून के बाद सरकार के पास अधिकार होगा कि वह सब्सिडी देने के लिए आधार को अनिवार्य कर सके। जिसके जरिए वह नकद सब्सिडी से लेकर दूसरी सेवाएं दे सकेंगी। इसके लिए सरकार डाटा स्टोरेज के लिए एक सेंट्रल रिपॉजिटरी बनाएगी। संसद में इस बात को लेकर विपक्ष ने सवाल उठाया है कि आधार के जरिए लोगों की सारी जानकारी डिपॉजिटरी में उपलब्ध होगी। जिसका दुरूपयोग किया जा सकता है। इस मामले में आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा है कि सरकार सभी की प्राइवेसी का ख्याल रखेगी। साथ ही डाटा कलैक्शन का काम डायरेक्ट या इनडायरेक्ट रुप से किसी विदेशी एजेंसी को नहीं दिया जाएगा। दो डाटा सेंटर बंगलूर और मानेसर में बनाए जाएंगे। ऐसे में किसी भी तरह की दुरूपयोग की आशंका नहीं होगी।

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