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http://sth.india.com/hindi/sites/default/files/2015/12/20/97971-ruddy.jpgनयी दिल्ली -- कुशल कर्मचारियों के लिए अधिकतम अवसर सृजित करने पर केन्द्रित ध्‍यान के अनुरूप केन्‍द्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री राजीव प्रताप रूडी ने सभी मंत्रालयों और सरकारी विभागों से व्‍यापार संबंधी विशेष पदों पर नियुक्ति के लिए चलाये जा रहे अपने भर्ती अभियानों में अस्पष्टता कम करने और इस तरह के पदों के लिए पात्रता मानदंड के रूप में एमएसडीई की प्रशिक्षुता (अप्रेन्टिसशिप) प्रशिक्षण योजना (एटीएस) के तहत प्रदान किये जा रहे राष्ट्रीय प्रशिक्षुता प्रमाणपत्र (एनएसी) को मान्‍यता देने का आग्रह किया है। 

राजीव प्रताप रूडी ने कहा कि यह जरूरी है कि सभी को समान अवसर मिले, ताकि समस्‍त संगठनों में कुशल कर्मचारियों की भर्ती हो सके। इस कदम से एनएसी प्राप्‍त करने वालों को समान अवसर मिलना सुनिश्चित हो सकेगा जो उनके लिए अत्‍यंत महत्‍वपूर्ण है।

एमएसडीई के सचिव  रोहित नंदन ने कहा कि सरकार ने डीजीटी के तहत व्‍यापक सुधार लागू किये हैं और यह प्रमाणित कर्मचारियों को समस्‍त क्षेत्रों (सेक्‍टर) में उपलब्‍ध अवसरों से जोड़ने की एक और पहल है। यह देखा गया है कि एनटीसी की तुलना में अधिक योग्यता होने के बावजूद एनएसी अभ्यर्थियों के नामों पर विचार नहीं किया जाता है। इससे सभी अभ्यर्थियों को समान अवसर प्रदान करना सुनिश्चित हो सकेगा।

एमएसडीई के अधीनस्‍थ प्रशिक्षण महानिदेशालय (डीजीटी) अपनी प्रमुख प्रशिक्षुता (अप्रेन्टिसशिप) प्रशिक्षण योजना (एटीएस) के तहत कार्यरत 28,500 प्रतिष्‍ठानों के जरिये 259 नामित काम-धंधों में अभ्यर्थियों को रोजगार के दौरान प्रशिक्षण प्रदान करता है।

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