0
जयपुर : केन्द्रीय महिला बाल एवं विकास मंत्री मेनका गांधी ने भ्रूण परीक्षण रोकने के लिए वर्तमान में बने कानून की जरुरत नहीं बताते हुए कहा है कि गर्भवती महिला को पहले ही भ्रूण का लिंग बताकर उसका पंजीयन कराने की व्यवस्था लागू होने से इस समस्या का निदान हो सकता है।  
मेनका गांधी ने  यहां क्षेत्रीय संपादक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि भ्रूण परीक्षण रोकने के लिए बने कानून से आए दिन सोनोग्राफी सेंन्टर्स पर छापामारी की जाती है लेकिन इस समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। 
उन्होंने कहा कि यदि गर्भवती महिला को भ्रूण के लिंग की जानकारी दी जाकर उसका पंजीयन अनिवार्य कर दिया जाए तो इस समस्या का समाधान हो सकेगा। 
उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य मंत्रालय के पास यह सुझाव भेजा जा चुका है लेकिन इस बारे में निर्णय नहीं हो पाया है। राजस्थान से ऊंटो की तस्करी के बारे मे पूछे प्रश्न पर मेनका गांधी ने कहा कि ऊंटों की हत्या की जा रही है तथा इसमें पुलिस की मिलीभगत भी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल ‘बेटी बचाआे-बेटी पढाआे’ कार्यक्रम के अच्छे परिणाम मिले हैं। लड़कियों का जन्म लेने दिया जा रहा है, यह अच्छे इशारे को इंगित करता है।
 
उन्होंने कहा कि इस सामाजिक बदलाव के लिए मध्यप्रदेश, हरियाणा और राजस्थान की राज्य सरकारों ने बालिकाआें के लिए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाये हैं। मेनका ने कहा कि आगामी दो माह में पुलिस की मदद के लिए महिलाएं मोबाइल हैंडसेट में आपातकालीन बटन का उपयोग कर सकेगी, यह सुविधा मोबाइल पर उपलब्ध होगी।

Post a Comment Blogger Disqus

 
Top