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प्रेमबाबू शर्मा
 
ढेर सारे विज्ञापन फिल्में और काफी मराठी शोज करने वाली  मुग्धा चापेकर ने अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने धारावाहिक ‘धरती का वीर योद्धा पृथ्वीराज चैहान’ से अभिनय की शुरुआत की। 
 
इस सीरियल में राजकुमारी संयोगिता की भूमिका निभाई और अब पिछले दिनों शुरू हुये धारावाहिक ‘सप्तरंगी ससुराल’ में वह आरुषि की भूमिका निभा रही है। मुग्धा का अपने करियर के बारे में क्या कहना है,एक मुलाकात ।
 
सुना है कि आपको संगीत से भी प्यार है ?
 
जी हाॅ, महज पांच साल की उम्र में ही मैंने क्लासिकल गाना शुरू कर दिया था।
 
आप बात करते है टीवी की, ‘सप्तरंगी ससुराल’  आपका दूसरा शो है ?
 
 नहीं। इससे पहले मैं कई धारावाहिक कर चुकी हूं। पृथ्वीराज चैहान, सजन रे झूठ मत बोलो, धरमवीर, मेरे घर आई एक नन्हीं परी, गोलमाल है भई सब गोलमाल है। दरअसल, मेरी पढ़ाई अधूरी रह गई थी इसलिये मैंने पहले अपनी शिक्षा पूरी की उसके बाद पृथ्वी राज चैहान से दोबारा शुरुआत की और अब ‘सप्तरंगी ससुराल’  धारावाहिक कर रही हूं। 
 
आपकी भूमिका क्या है ? 
 
मैं आरुषि नामक ऐसी लड़की हूं जो मध्यम वर्गीय परिवार से संबंध रखती है। वह और लड़कियों की तरह नहीं बल्कि उनके उलट एक जिम्मेदार, समझदार तथा बड़ी मिलनसार लड़की है। वह अपने ही नहीं, दूसरों के लिये कुछ भी करने को हमेशा तैयार रहती है। उसका विवान से विवाह होने वाला है। शादी के बाद उसे ससुराल में एक नहीं बल्कि सात सासें मिलने वाली हैं। उसका उन सारी सासों से अलग अलग व्यवहार है। वह उन सभी का प्यार पाना ही उसके लिए एक चुनौती है।
 
हर कोई अपने शो को सबसे अलग बताता है ? 
 
कई बातें हैं जो इस शो को दूसरे शोज से अलग रखती हैं। यह ह्यूमन रिलेशनशिप पर आधारित धारावाहिक है। दूसरे यह टिपिकल सास बहू की कहानी नहीं है। इसमें सात मांओं का एक बेटा है। उस लड़के की जिंदगी में जो लड़की आयेगी उसकी इन सात मांओं या सात सासों के साथ कैसी रिलेशनशिप रहेगी।
 
 आप निजी जीवन में जींस पहनती हैं लेकिन जब ऐसे धारावाहिक में साड़ी और भारी जेवर पहनती हैं तो कैसा लगता है ?
 
 सबसे पहले तो ये सारी चीजें किरदार की डिमांड होती है। किसी कैरेक्टर की अगर जींस पहनने की डिमांड है तो एक्टर को वह भी पहननी होगी। इसके अलावा ड्रॉइंग रूम में बैठी महिला दर्शकों का ध्यान कहानी के अलावा उन पात्रों पर ज्यादा जाता है जो महंगी साड़ी और फैशनेबल जेवर पहने हुये होती हैं। इसका भी एक अलग ही मजा है कि कुछ महिला दर्शक तो कोई शो सिर्फ साड़ियां और जूलरी देखने के लिये ही देखती हैं। आपके शो में एक सास फरीदा जलाल भी हैं? वह सीनियर नहीं बल्कि लीजेंड अदाकारा हैं। शो में वह सबसे बड़ी सास हैं जिनके इशारे पर सारा घर चलता है। मैं उन्हें शुरू में एकटक देखती रहती थी लेकिन मैंने उन्हें हमेशा मुस्कु राते हुये ही देखा। मुझे हमेशा उनसे पॉजिटिव वेव्स आने का अहसास होता है। जब भी वह सामने होती हैं तो मैं दोगुने उत्साह से काम करती हूं। 
 
निजी तौर पर आरुषि के आप कितना करीब हैं ?
 
काफी हद तक। आरुषि और मुझमें काफी समानताएं हैं। वह उसी की तरह सोचती है। उसे भी आरुषि की तरह अपनी मिट्टी की खुशबू पसंद है। वह भी आरुषि की तरह पॉजिटिव है। उसे भी छोटी छोटी चीजें खुशियां देती हैं। उसे लिखना पंसद है, बारिश की आवाज पसंद है। 
 
इस रोल के बारे में क्या सोचती हैं ?
 
 मुझे लगता है कि आरुषि की हमउम्र लड़कियों को आरुषि की सादगी पसंद आयेगी। उसकी सरलता से वह जरूर प्रभावित होंगी। इसके अलावा भी इस शो में ढेर सारी ऐसी बातें हैं जिनसे काफी कुछ सीखा जा सकता है। 
 
आप मराठी हैं और आज तो मराठी सिनेमा बहुत ऊंचाइयों तक जा पहुंचा है। मराठी में भी कुछ कर रही हैं ? 
 
जी हां, मैंने एक मराठी फिल्म की है जो इस साल रिलीज होगी लेकिन अभी उसका नाम तक नहीं रखा। मैं अभी उसके बारे में ज्यादा बात नहीं करना चाहती। 


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