0
नई दिल्ली : ब्रिटेन से भारत को मिलने वाली आर्थिक सहायता 1 जनवरी से बंद हो जाएगी। ब्रिटेन ने यह निर्णय 3 साल पहले ही ले लिया था।
 
 ब्रिटेन में लोगों का कहना था कि भारत ने आर्थिक तरक्की की है और अब उसे ब्रितानी मदद की जरूरत नहीं है। 
 
 ब्रिटेन के डिपार्टमैंट फॉर इंटरनैशनल डिवैल्पमैंट (डी.एफ.आई.डी.) की मदद से केन्द्र समेत मध्य प्रदेश, ओडिशा और बंगाल में 26 सरकारी क्षेत्र की परियोजनाएं चल रही हैं। केन्द्र का कहना है कि यूनाइटेड किंगडम ने विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों के लिए वर्ष 2013-14 में 855.01 करोड़ रुपए, 2014-15 में 601.77 करोड़ रुपए और वर्ष 2015-16 में 190.06 करोड़ रुपए की सहायता दी है। 
 
ब्रिटेन में भारत को आर्थिक सहायता का विरोध करने वालों का कहना था कि आखिरकार ब्रितानी करदाताओं का पैसा एक ऐसे देश में गरीबी उन्मूलन के लिए क्यों दिया जाना चाहिए, जिसका जबरदस्त अंतरिक्ष कार्यक्रम है, जहां ब्रिटेन से अधिक अरबपति हों और जो खुद ही जरूरतमंद देशों को करोड़ों पौंड की मदद करता हो।

Post a Comment Blogger Disqus

 
Top