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नयी दिल्ली --- भारत सरकार के मेक इन इंडिया कार्यक्रम के अंतर्गत भारत को टेक्नीकल टेक्सटाइल के क्षेत्र में मैन्युफैक्चरिंग केन्द्र बनाना टेकनोटेक्स 2016 का उद्देश्य है। टेक्नीकल टेक्सटाइल पर भारत का यह आयोजन भारत सरकार द्वारा भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग मंडल (फिक्की) के सहयोग से किया जा रहा है। 

टेक्नीकल टेक्नोटेक्स पर 5वां अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी तथा सम्मेलन टेक्नीकल टेक्सटाइल की अपार क्षमता और इसके विविध एवं नवाचारी एप्लीकेशनों को मान्यता देता है। इसी के अनुरूप टेक्नोटेक्स 2016 का थीम है टेक्नीकल टेक्सटाइल-स्मार्ट भविष्य की ओर टेक्नोटेक्स 2016 का आयोजन 21 से 23 अप्रैल, 2016 तक मुम्बई के गोरेगांव में बॉम्बे एक्जीबिशन सेंटर में किया जाएगा।

यह जानकारी  कपड़ा मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संतोष कुमार गंगवार ने दी। उनहोंने कहा कि टेक्नीकल टेक्सटाइल देश के सामाजिक एवं आर्थिक मोर्चे पर महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकते हैं। उदाहरण के तौर पर उन्होंने अवसंरचना क्षेत्र में जियोटेक्सटाइल तथा कृषि उत्पादकता बढ़ाने में एग्रोटेक्सटाइल की जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि मार्च 2015 में देश के पूर्वोत्तर क्षेत्र में जियो टेक्नीकल टेक्सटाइल के उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए भारत सरकार ने 427 करोड़ रुपए की योजना लांच की। उन्होंने कहा कि इस योजना से सड़क निर्माण, ढलान को स्थिर बनाने और जलाशयों को बनाने में जियो टेक्सटाइल के उपयोग को समर्थन मिलेगा। उन्होंने इम्फाल में हवाई अड्डा एक्सेस रोड के निर्माण कार्य जियोटेक्सटाइल उपयोग से पूरा होने पर संतोष व्यक्त किया।

 उन्होंने बताया कि पूर्वोत्तर क्षेत्र में एग्रोटेक्सटाइल को बढ़ावा देने के लिए 8.17 करोड़ रुपए की लागत से 44 प्रदर्शन केन्द्रों को स्वीकृति दे दी गई है। इनमें से 23 केन्द्र काम कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त 263 एग्रोटेक्सटाइल किट मणिपुर और मिजोरम के किसानों में बांटे गए हैं।

 कपड़ा मंत्रालय ने 17.4 करोड़ रुपए की लागत से इनक्यूबेशन सेंटर स्थापित किया है। यह केन्द्र नवाचारी टेक्नीकल टेक्सटाइल उत्पादन में नए उद्यमियों को मदद देंगे और कपड़ा क्षेत्र में मेक इन इंडिया कार्यक्रम को प्रोत्साहित करने में सहायक होंगे।

गंगवार ने कहा कि टेक्नीकल टेक्सटाइल पर टेक्नोलॉजी मिशन का विस्तार 2 वर्षों के लिए यानी 2015-16 तथा 2016-17 के लिए किया गया है। उन्होंने कहा कि संशोधित टीयूएफएस के अंतर्गत टेक्नीकल टेक्सटाइल पर विशेष फोकस दिया गया है और संशोधित योजना के अंतर्गत टेक्नीकल टेक्सटाइल मशीनों के लिए 15 प्रतिशत की पूंजी सब्सिडी दी गई है।

इस अवसर पर कपड़ा मंत्री ने उद्योग के लिए टेक्नीकल टेक्सटाइल तथा बीआईएस मानकों पर बेसलाइन सर्वे जारी किया। इस सर्वे का जारी होना भारत में टेक्नीकल टेक्सटाइल उत्पादों के मानकीकरण के लिए सरकार के प्रयास में महत्वपूर्ण कदम है। कपड़ा मंत्री ने टेकनोटेक्स 2016 के लिए ब्रोशर भी जारी किया।



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